अध्याय 2 डॉक्टर की वापसी
मैंडी की आँखों में घिन का भाव छुप नहीं पाया जब उसने लिली को देखा—वही लिली जिसे सालों की कोशिशों के बावजूद वह कभी अपने पक्ष में नहीं कर पाई थी।
पिछले चार सालों से मैंडी लिली की भलाई की नकली चिंता करती रही थी—उसकी रोज़मर्रा की ज़रूरतों का ध्यान रखना, और बार-बार उसे डॉक्टर के पास ले जाना। अगर लिली ही उसे “मिसेज़ फ्रॉस्ट” बनने का रास्ता न होती, तो मैंडी एक पल भी उसकी मोहब्बत पाने में ज़ाया न करती।
हालाँकि लिली को उससे साफ़ नफ़रत थी, फिर भी मैंडी ने चेहरे पर बनावटी हिम्मत चढ़ाई और अपनी बाँहें उसकी ओर फैला दीं।
“लिली, मम्मी के पास आओ, गले लगो,” वह मीठी-मीठी आवाज़ में बोली।
मैंडी की बात सुनते ही लिली ने तुरंत मुँह फेर लिया और हैरिसन की गर्दन से कसकर चिपक गई।
“लेकिन मुझे डैडी की गोद में रहना है,” वह बच्चे जैसी आवाज़ में बोली। “डैडी, मुझे उठाओ।”
लिली की प्रतिक्रिया देखकर हैरिसन ने प्यार से उसकी पीठ सहलाई।
“कोई बात नहीं, मेरी जान। डरो मत। डैडी यहीं है। डैडी ने तुम्हें पकड़ रखा है,” उसने उसे तसल्ली दी, फिर ठंडे चेहरे के साथ मैंडी की तरफ मुड़ा।
“लिली अभी बहुत छोटी है। अगर वह तुम्हारी गोद में नहीं आना चाहती, तो उसे मजबूर मत करो,” उसने सख्ती से कहा। “इस वक्त तुम्हारा सबसे ज़रूरी काम है डॉक्टर जॉनसन को ढूँढना।”
हैरिसन की बात खत्म होते ही उसका असिस्टेंट, साइमन, हाथ में फोन लिए पास आ गया।
“मिस्टर फ्रॉस्ट, अस्पताल में हमारे संपर्क ने अभी फोन किया है—डॉक्टर जॉनसन वेस्टलैंड जनरल हॉस्पिटल पहुँच चुकी हैं।”
यह सुनते ही मैंडी के चेहरे का रंग पल भर में बदल गया।
“क्या? हम इतनी देर से यहाँ वेलकम वाला बोर्ड लिए खड़े हैं, और वो सीधी अस्पताल चली गईं?” मैंडी ने हैरिसन से भरोसा दिलाया था कि एला इसी फ्लाइट से आएगी। अब वह चूक गई थी तो हैरिसन का नाराज़ होना तय था।
साइमन ने असहज होकर मैंडी की तरफ नज़र डाली, और हैरिसन के जवाब का इंतज़ार करने लगा।
कुछ पल बाद हैरिसन ने आदेश दिया, “चलो, अस्पताल चलते हैं।”
उधर, एलेना जो पहले ही अस्पताल पहुँच चुकी थी, नाथन के साथ ज़ैंडर के पिता की जाँच रिपोर्टें और ऑपरेशन की योजना देख रही थी।
नाथन उसके पास खड़ा होकर हालात समझा रहा था। “एलेना, मेरी काबिलियत इतनी जटिल सर्जरी के लिए अभी काफी नहीं है। मरीज की उम्र भी ज़्यादा है—मुझे भरोसा नहीं कि मैं इसे संभाल पाऊँगा। इसी वजह से मैंने तुम्हें बुलाया… हमें तुम्हारी विशेषज्ञता चाहिए।”
दस्तावेज़ देखते हुए एलेना ने पेशेवर अंदाज़ में कहा, “ठीक है। ऐसे केस देश में वाकई बहुत कम आते हैं, और सर्जरी भी काफी चुनौतीपूर्ण है। ऑपरेशन थिएटर को बता दो—हम तीस मिनट में शुरू करेंगे। मुझे तुम मेरी सर्जिकल असिस्टेंट के तौर पर चाहिए।”
नाथन ने बिना रुके सिर हिलाया। “बिल्कुल। आपके साथ असिस्ट करना मेरे लिए सम्मान की बात है।”
वाकई, एलेना ने विदेश में सालों लगाकर अपनी सर्जरी की तकनीक को निखारा था। उसकी मेडिकल महारत न सिर्फ देश में बेमिसाल थी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहद सम्मानित मानी जाती थी। फिर भी वह गुमनाम रहना पसंद करती थी—“एला जॉनसन” नाम से काम करती, और मेडिकल जगत में किसी रहस्यमयी शख्सियत जैसी बन चुकी थी।
अगर नाथन से उसका पुराना रिश्ता—क्लासमेट होने का—न होता, तो वह ज़ैंडर के पिता का केस लेने की हिम्मत शायद नहीं करती।
सर्जरी से पहले की सारी तैयारियाँ पूरी होते ही, एलेना ने ऑपरेशन थिएटर में जाने से पहले अपने दोनों बच्चों से कुछ कहा।
"कॉनर, मिया—तुम दोनों को रेस्ट एरिया में चुपचाप बैठकर इंतज़ार करना है। ये ऑपरेशन काफी देर चलेगा, इसलिए शराफ़त से रहना," उसने नरमी से हिदायत दी। "जैसे ही ये खत्म होगा, तुम्हारी गॉडमदर अस्पताल आकर हमें ले जाएगी। अगर कुछ चाहिए हो तो हॉस्पिटल स्टाफ से कहना—वो मदद कर देंगे।"
दोनों बच्चों ने आज्ञाकारी ढंग से सिर हिला दिया। कॉनर के हाथ में लैपटॉप था और मिया ने कसकर एक हाई-परफॉर्मेंस स्मार्टफोन पकड़ा हुआ था; दोनों अपने-अपने डिवाइस में पूरी तरह डूबे थे।
कॉनर ने एलिना को विदा किया। "मॉम, हमारी चिंता मत करो। मैं मिया का अच्छे से ध्यान रखूँगा।"
एलिना ने गर्व से अपने बच्चों को देखा। सालों में, काम के भारी दबाव और पैसों की तंगी के बावजूद, दोनों बच्चे हैरान कर देने वाली तरह से आत्मनिर्भर हो गए थे—और ये उसके लिए किसी वरदान से कम नहीं था।
बच्चों को बिठा कर एलिना ऑपरेशन थिएटर में चली गई।
उसी वक्त हैरिसन और मैंडी अपने लवाज़मे के साथ अस्पताल पहुँचे। जब उनके संपर्क ने बताया कि डॉ. जॉनसन पहले ही सर्जरी में जा चुके हैं, तो हैरिसन बेचैन हो उठा।
उसकी बेटी लिली जन्म से ही दिल की हल्की-सी समस्या के साथ पैदा हुई थी। बरसों से वह उसे देश-विदेश के अस्पतालों में दिखा रहा था, लेकिन किसी डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन करने की हिम्मत नहीं की थी। एला की बेहतरीन काबिलियत के बारे में सुनकर उसने लिली के लिए उसकी मदद लेने की उम्मीद की थी, मगर उनकी मुलाक़ात बार-बार टलती रही।
हैरिसन की चिंता भाँपकर मैंडी ने पूछा, "हैरिसन, अब हमें क्या करना चाहिए?"
हैरिसन ने खीझ भरी नज़र से उसे देखा। "और क्या—इंतज़ार।"
"लेकिन अगर वो घंटों तक बाहर ही न निकली तो? क्या हम सच में इतना समय यहीं बैठे रहेंगे? आखिर वो है तो बस एक डॉक्टर—कुछ ज़्यादा ही घमंडी नहीं है?" मैंडी झुँझलाकर बोली।
हैरिसन ने नाराज़गी से उसकी तरफ़ देखा। "मैंडि, ज़ुबान संभालकर। वो ‘बस एक डॉक्टर’ नहीं—दुनिया की शीर्ष सर्जनों में से एक है। लिली का ऑपरेशन पूरी तरह उसी के फ़ैसले पर टिका है," उसने सख़्त लहजे में याद दिलाया। "ये हमारी बेटी की सेहत की बात है। क्या तुम्हें उसकी ज़रा भी परवाह नहीं?"
हैरिसन के सवाल के सामने मैंडी ने बनावटी-सी मुस्कान दबा ली। अपने मक़सद के लिए उसने तुरंत विनम्रता ओढ़ ली।
"हैरिसन, मेरा मतलब वो नहीं था। मैं लिली की चिंता में बिना सोचे बोल गई," उसने सफ़ाई दी। "मैं उसकी माँ हूँ—उसकी सेहत की फिक्र कैसे नहीं होगी? अगर हो सके तो मैं उसके लिए अपना दिल तक दे दूँ।"
उसके शब्द खोखले लगे; लिली के लिए अपना दिल देने की बात बेतुकी थी।
हैरिसन ने बहस से खुद को अलग किया, एक कुर्सी ढूँढ़ी और लिली को गोद में लेकर बैठ गया।
इंतज़ार के दौरान भी वह लिली का बड़े ध्यान से खयाल रखता रहा—यहाँ तक कि उसे फल का एक-एक टुकड़ा खिला रहा था, ताकि वह गले में न अटके।
हैरिसन का लिली के लिए ऐसा स्नेह देखकर मैंडी के भीतर जलन की लहर उठी। वो छोटी-सी बदतमीज़ किस्मत की धनी थी—ऐसा क्या किया था उसने, जो हैरिसन का प्यार उसे मिल रहा था?
हैरिसन का इरादा ऑपरेशन थिएटर के बाहर एला का इंतज़ार करने का था, लेकिन बीच इंतज़ार में ही कंपनी के किसी बेहद ज़रूरी मामले पर उसका कॉल आ गया, जिसे तुरंत निपटाना जरूरी था।
हालात की तंगी समझकर, मैंडी ने मौके का फ़ायदा उठाया और आगे बढ़ने की ठान ली।
